पुरुष नेताओं ने कब-कब दिए महिलाओं पर विवादित बयान
पिछले दिनों मौक़ा तो राजस्थान में चुनावी सभा का था लेकिन बातों-बातों में जनता दल (यू) के नेता शरद यादव कुछ ऐसा बोल गए, "वसुंधरा को आराम दो, बहुत थक गई हैं. बहुत मोटी हो गई है, पहले पतली थी. हमारे मध्य प्रदेश की बेटी है."
शरद यादव के लफ़्ज़ों में कहें तो ये सिर्फ़ मज़ाक भर था पर वसंधुरा राजे ने कड़ा एतराज़ जताते हुए कहा कि वे इस बयान से अपमानित महसूस कर रही हैं. शरद यादव की कमान से ऐसा तीर पहली बार नहीं निकला है.
वज़न का घटना-बढ़ना एक स्वभाविक सी बात है लेकिन क्या पुरुष राजनेताओं के मोटे होने पर इस तरह के सार्वजनिक बयान दिए जाते हैं ?
बात सिर्फ़ वज़न की नहीं , अपने पहनावे, अपने रूप रंग या बर्ताव को लेकर भी अकसर महिलाएँ और महिला राजनेता पुरुष नेताओं के हाथों अश्लील, अभद्र और तौहीन भरी टिप्पणओं की शिकार होती रही हैं.
परकटी महिलाएँ
शुरुआत अगर शरद यादव से ही करें तो उन्हें जैसे इसमें महारत हासिल है. ये शरद यादव ही थे जिन्होंने जून 1997 में संसद में महिला आरक्षण बिल पर बहस में कहा था, "इस बिल से सिर्फ़ पर-कटी औरतों को फ़ायदा पहुंचेगा. परकटी शहरी महिलाएँ हमारी (ग्रामीण महिलाओं) का प्रतिनिधित्व कैसे करेंगी."
20 साल बाद 2017 में उनका बयान कुछ यूँ था, "वोट की इज़्ज़त आपकी बेटी की इज़्ज़त से ज़्यादा बड़ी होती है. अगर बेटी की इज़्ज़त गई तो सिर्फ़ गांव और मोहल्ले की इज़्ज़त जाएगी लेकिन अगर वोट एक बार बिक गया तो देश और सूबे की इज़्ज़त चली जाएगी.'
इतना ही नहीं शरद यादव संसद में औरतों के रंग और शरीर की बनावट पर कटाक्ष करने से नहीं चूके. उनका बयान था, "दक्षिण की महिला जितनी खूबसूरत होती है.. जितना उसकी बॉडी देखने में ( हाथ से शरीर की बनावट बताते हुए)..वो नृत्य जानती है..मैं तो उनकी ख़ूबसूरती की तारीफ़ कर रहा हूँ ( इस बीच सांसदों के ठहाके सुने जा सकते हैं.)"
वैसे इन तमाम बयानों के बीच यह बताते चलें कि शरद यादव को सर्वश्रेष्ठ सांसद का अवॉर्ड मिल चुका है.
50 करोड़ की गर्लफ़्रेंड
चुनावी रैलियों में अकसर राजनीतिक बयानबाज़ी में महिलाओं को निशाना बनाया जाता रहा है.
2012 में जब नरेंद्र मोदी चुनावी रैली को संबोधित कर रहे थे तो शशि थरूर की पत्नी सुनंदा थरूर के बारे में उन्होंने कहा था, ''वाह क्या गर्लफ़्रेंड है. आपने कभी देखी है 50 करोड़ की गर्लफ़्रेंड?''
पलटवार करते हुए शशि थरूर ने ट्विटर पर लिखा था, "मोदी जी मेरी पत्नी 50 करोड़ की नहीं बल्कि अनमोल है, लेकिन आप को यह समझ में नहीं आएगा क्योंकि आप किसी के प्यार के लायक नहीं हैं.
शरद यादव के लफ़्ज़ों में कहें तो ये सिर्फ़ मज़ाक भर था पर वसंधुरा राजे ने कड़ा एतराज़ जताते हुए कहा कि वे इस बयान से अपमानित महसूस कर रही हैं. शरद यादव की कमान से ऐसा तीर पहली बार नहीं निकला है.
वज़न का घटना-बढ़ना एक स्वभाविक सी बात है लेकिन क्या पुरुष राजनेताओं के मोटे होने पर इस तरह के सार्वजनिक बयान दिए जाते हैं ?
बात सिर्फ़ वज़न की नहीं , अपने पहनावे, अपने रूप रंग या बर्ताव को लेकर भी अकसर महिलाएँ और महिला राजनेता पुरुष नेताओं के हाथों अश्लील, अभद्र और तौहीन भरी टिप्पणओं की शिकार होती रही हैं.
परकटी महिलाएँ
शुरुआत अगर शरद यादव से ही करें तो उन्हें जैसे इसमें महारत हासिल है. ये शरद यादव ही थे जिन्होंने जून 1997 में संसद में महिला आरक्षण बिल पर बहस में कहा था, "इस बिल से सिर्फ़ पर-कटी औरतों को फ़ायदा पहुंचेगा. परकटी शहरी महिलाएँ हमारी (ग्रामीण महिलाओं) का प्रतिनिधित्व कैसे करेंगी."
20 साल बाद 2017 में उनका बयान कुछ यूँ था, "वोट की इज़्ज़त आपकी बेटी की इज़्ज़त से ज़्यादा बड़ी होती है. अगर बेटी की इज़्ज़त गई तो सिर्फ़ गांव और मोहल्ले की इज़्ज़त जाएगी लेकिन अगर वोट एक बार बिक गया तो देश और सूबे की इज़्ज़त चली जाएगी.'
इतना ही नहीं शरद यादव संसद में औरतों के रंग और शरीर की बनावट पर कटाक्ष करने से नहीं चूके. उनका बयान था, "दक्षिण की महिला जितनी खूबसूरत होती है.. जितना उसकी बॉडी देखने में ( हाथ से शरीर की बनावट बताते हुए)..वो नृत्य जानती है..मैं तो उनकी ख़ूबसूरती की तारीफ़ कर रहा हूँ ( इस बीच सांसदों के ठहाके सुने जा सकते हैं.)"
वैसे इन तमाम बयानों के बीच यह बताते चलें कि शरद यादव को सर्वश्रेष्ठ सांसद का अवॉर्ड मिल चुका है.
50 करोड़ की गर्लफ़्रेंड
चुनावी रैलियों में अकसर राजनीतिक बयानबाज़ी में महिलाओं को निशाना बनाया जाता रहा है.
2012 में जब नरेंद्र मोदी चुनावी रैली को संबोधित कर रहे थे तो शशि थरूर की पत्नी सुनंदा थरूर के बारे में उन्होंने कहा था, ''वाह क्या गर्लफ़्रेंड है. आपने कभी देखी है 50 करोड़ की गर्लफ़्रेंड?''
पलटवार करते हुए शशि थरूर ने ट्विटर पर लिखा था, "मोदी जी मेरी पत्नी 50 करोड़ की नहीं बल्कि अनमोल है, लेकिन आप को यह समझ में नहीं आएगा क्योंकि आप किसी के प्यार के लायक नहीं हैं.
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